*मुख्यमंत्री ने किया मां यमुना की 21 फीट प्रतिमा का अनावरण, यमुना घाटों का लोकार्पण*
*विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार हरिपुर में ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जमुना कृष्ण धाम में मां यमुना की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण और यमुना घाटों का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुर-कालसी का ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। यह नगर कभी धार्मिक वैभव से संपन्न था और हरिद्वार की तर्ज पर यहां बड़े-बड़े मंदिर, धाम और धर्मशालाएं थीं। इसी महत्व को देखते हुए सम्राट अशोक ने कालसी में शिलालेख स्थापित किया, ताकि लोग इसे पढ़कर मानवीय आदर्शों को अपने जीवन में अपना सकें।
उन्होंने कहा कि काल का ऐसा कुचक्र आया कि यह वैभवशाली नगरी समाप्त हो गई। मान्यता है कि अत्यधिक बाढ़ के कारण यह स्थान बह गया, इसीलिए पास के कस्बे का नाम बाढ़वाला पड़ा। हमारी सरकार ने हरिपुर के पुरातन वैभव को पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहां मां यमुना के घाटों का निर्माण हो, बड़े-बड़े धाम स्थापित हों, इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुझे खुशी है कि स्थानीय लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति 2016 से इस कार्य में लगी है और उन्हीं के प्रयासों से यमुना कृष्ण धाम का निर्माण हो रहा है। आज 21 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वह पवित्र स्थान है जहां मां यमुना, तमसा, नोर और अमलावा चार नदियों का संगम बनता है। हरिपुर को प्राचीन काल में बुधपुरी के नाम से भी जाना जाता था। यह स्थान वेदव्यास जी के लिए भी महत्वपूर्ण रहा है। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी अपने यात्रा वृतांत में हरिपुर और कालसी का उल्लेख किया है। कालसी के प्राचीन कल्प ऋषि मंदिर के अवशेष आज भी धार्मिक योगदान के प्रमाण देते हैं। लंबे समय तक कालसी कुलिंद जनपद की राजधानी भी रही है, जो इसकी प्राकृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इसी पौराणिक धरोहर को पुनर्जीवित करने के लिए लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति द्वारा जमुना कृष्ण धाम में मां यमुना की प्रतिमा और घाटों का निर्माण कराया गया है।
इस मौके पर समिति ने मुख्यमंत्री के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। समिति ने कहा कि यमुना घाटों के द्वितीय चरण का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए, धाम के निकट बहने वाले नाले का ट्रीटमेंट किया जाए और नाले से मुख्य मार्ग तक सीढ़ीनुमा पैदल मार्ग बनाया जाए। साथ ही चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव हरिपुर में यात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए यात्री शेड का निर्माण किया जाए, जिसके लिए भूमि समिति उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुर अपने पौराणिक वैभव में वापस लौट रहा है। प्रदेश में ऐसे अनेक कार्य कराए जा रहे हैं जिससे आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। यह सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनवाए गए नए संसद भवन में लगे अखंड भारत के मानचित्र पर कालसी का नाम अंकित है, जो इस क्षेत्र की पौराणिक मान्यता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि हरिपुर में घाटों के निर्माण के साथ ही हनोल को मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है, जहां 120 करोड़ रुपये की लागत से कार्य गतिमान है। लाखामंडल क्षेत्र को भी आध्यात्मिक रूप से और विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा का अनावरण किया गया और शाम को मां यमुना की महा आरती मैं प्रतिभा क्या और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आशीर्वाद स्वरुप दीपक भी जलाया।
इस अवसर पर विकास नगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान, जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार प्रोफेसर गोविन्द सिंह, धीरेंद्र पवार, 1008 अवधूतानंद अरुण गिरी महाराज, मूरत राम शर्मा, प्रताप सिंह रावत, भाजपा के जिला अध्यक्ष मीता सिंह, भाजपा के पांचो मंडलों के अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख सावित्री चौहान जेष्ठ प्रमुख मीरा राठौर, कनिष्क प्रमुख प्रियंका चौहान, लोक पंचायत के सदस्य श्रीचंद शर्मा, जमुना की समिति के अध्यक्ष गंभीर सिंह चौहान, सतपाल चौहान, अनिल तोमर, आदि सहित अनेक लोग उपस्थित कार्यक्रम का संचालन भारत चौहान ने किया।




