ग्राम प्रधान संगठन ने ब्लॉक के माध्यम से पंचायत राज मंत्री को भेजा 10 सूत्रीय मांगपत्र
मानदेय बढ़ाने से लेकर मनरेगा में ऑफलाइन हाजिरी और पंचायतों को अधिक अधिकार देने की मांग
देहरादून। प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन उत्तराखंड ने पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है। संगठन ने मांगों पर 15 दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश के 95 ब्लॉकों के ग्राम प्रधान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने के साथ ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को भी उचित मानदेय देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाने, ग्राम पंचायतों में विभिन्न विभागों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए ग्राम प्रधान से एनओसी एवं कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य करने की मांग की गई है।
संगठन ने जिला योजना में शामिल होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित कराने तथा जिला योजना की बैठक में ग्राम प्रधान संगठन को आमंत्रित करने की मांग भी उठाई है।
मांगपत्र में पंचायतीराज एक्ट में शामिल 29 विभागों को अतिशीघ्र ग्राम पंचायतों को सौंपने, विधायक/सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि के बजट में व्यवस्था करने तथा ग्राम पंचायतों में विभागों द्वारा स्वीकृत 10 लाख रुपये तक के कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाने की मांग की गई है।
संगठन ने ग्राम प्रधानों के परिवारों के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा/जीवन बीमा कराने की मांग भी रखी है। साथ ही ग्राम पंचायतों में उपप्रधान के पद को उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर समाप्त करने की मांग की गई है।
मनरेगा को लेकर संगठन ने श्रमिकों की उपस्थिति की व्यवस्था को पूरी तरह ऑफलाइन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में परेशानी होती है। इसके साथ ही मनरेगा श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन किए जाने की मांग की गई है।
संगठन ने पंचायत मंत्री से सभी 10 सूत्रीय मांगों पर 15 दिनों के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है। मांगपत्र में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश के 95 ब्लॉकों के ग्राम प्रधान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मांगपत्र पर प्रदेश अध्यक्ष योगिता केंद्र रावत, काठो प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा, प्रदेश प्रभारी पंकज पोखरियाल सहित संगठन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। मौके पर शुभम मल्ल
जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ब्लॉक उपाध्यक्ष शैलेश थापली
ब्लॉक कोषाध्यक्ष राशिद अली मीडिया प्रभारी
तनवीर अली चतर सिंह प्रधान बिधोली सलोनी ग्राम प्रधान धूलकोट कोमल आर्य प्रधान कंडोली मौजूद रहे




