टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली कूच, पूर्व सैनिक करेंगे जंतर-मंतर से रेल भवन तक मार्च
देहरादून । टनकपुर-बागेश्वर और बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल लाइन की मांग को लेकर पूर्व सैनिकों ने अब आंदोलन को दिल्ली तक ले जाने का ऐलान किया है। DVUF/ESMSHO की ओर से 6 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस के डीसीपी को शांतिपूर्ण रैली के लिए अनुमति संबंधी आवेदन दिया गया है।
संगठन के अनुसार 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर से रेल भवन तक मार्च प्रस्तावित है। यह मार्च दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 250 से 300 पूर्व सैनिकों के शामिल होने का दावा किया गया है।
पूर्व सैनिकों की प्रमुख मांग 170 किलोमीटर लंबी टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन और 110 किलोमीटर लंबी बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए करीब 48,692 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत करने की है। संगठन का कहना है कि दोनों परियोजनाओं की डीपीआर 3 अगस्त 2023 से लंबित है।
संगठन ने दावा किया है कि मांग को लेकर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री समेत संबंधित स्तरों पर पत्राचार किया जा चुका है। इसके अलावा नैनीताल हाईकोर्ट में भी पत्र संख्या 3792 दिनांक 27 मई 2026 तथा आदेश 29/2026 दिनांक 6 जून 2026 का हवाला दिया गया है।
आंदोलन के पहले चरण में 15 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डिजिटल धरना आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 2 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च प्रस्तावित है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और चक्का जाम या हिंसा नहीं की जाएगी।
DVUF/ESMSHO से जुड़े नंदन सिंह रावत ने पूर्व सैनिकों से आंदोलन की तैयारियों में जुटने और 2 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि पूर्व सैनिक अपने अधिकारों की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करेंगे।
संगठन का संदेश साफ है—“हम भीख नहीं मांगेंगे, हम हक मांगेंगे।”




