✍️ सुभाष पिमोली, थराली।
स्व. सं. से. आलम सिंह फरस्वाण राजकीय महाविद्यालय, तलवाड़ी में महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर हिंदी विभाग द्वारा प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रतिभा आर्य की अध्यक्षता में ‘प्रेमचंद : समय, समाज और देश’ विषय पर एक विचारगोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट यशपाल सिंह फरस्वाण ने प्रेमचंद को स्मरण करते हुए प्रसिद्ध कविता ‘कलम का सिपाही’ का प्रभावपूर्ण पाठ किया। उन्होंने प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके साहित्य की सामाजिक प्रतिबद्धता, मानवीय संवेदना तथा समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
हिंदी विभाग के डॉ. खेमकरण सोमन ने ‘प्रेमचंद और जातीयता’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रेमचंद के साहित्य में सामाजिक समता, जातिगत विषमताओं और मानवीय मूल्यों के प्रश्नों का विश्लेषण किया। राजनीति विज्ञान विभाग के मनोज कुमार एवं कमलेश कुमार ने क्रमशः ‘प्रेमचंद की प्रासंगिकता’ तथा ‘प्रेमचंद की सामाजिकता’ विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। भौतिक विज्ञान विभाग की डॉ. नीतू पांडे ने अपनी कविता का पाठ किया तथा प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘पूस की रात’ के माध्यम से ग्रामीण जीवन की संवेदनाओं और यथार्थ का उल्लेख किया। बी.एससी. पंचम सेमेस्टर की छात्रा रेनुका ने प्रेमचंद की कहानियों के आलोक में अतीत और वर्तमान के समाज, समय तथा देश की विविध परिस्थितियों का प्रभावी विश्लेषण प्रस्तुत किया।
अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रतिभा आर्य ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को मानवीय संवेदना, सामाजिक न्याय और नैतिक मूल्यों की दिशा में प्रेरित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद के साहित्य का गंभीर अध्ययन कर उससे जीवनोपयोगी प्रेरणा ग्रहण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा रानी ने किया।




