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	<title>देहरादून Archives - Cobra news uk</title>
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	<description>Hindi News हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Latest Breaking, News Headlines Today,News In Hindi,Cobra news uk</description>
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	<title>देहरादून Archives - Cobra news uk</title>
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		<title>उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में &#8216;डिजिटल क्रांति&#8217; स्विफ्ट स्कूल मॉडल&#8221; से संवरेगा पहाड़ का भविष्य,उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा का चेहरा बदलने की तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 03:38:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में &#8216;डिजिटल क्रांति&#8217; स्विफ्ट स्कूल मॉडल&#8221; से संवरेगा पहाड़ का भविष्य,उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में &#8216;डिजिटल क्रांति&#8217;<br />
स्विफ्ट स्कूल मॉडल&#8221; से संवरेगा पहाड़ का भविष्य,उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा का चेहरा बदलने की तैयारी </p>
<p>उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा का चेहरा बदलने के लिए राज्य सरकार ने &#8216;स्विफ्ट स्कूल&#8217; (Swift School) मॉडल का आगाज किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को निजी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक और डिजिटल बनाना है। इस योजना के पहले चरण में राज्य के 4 जिलों के 50 स्कूलों को &#8216;स्विफ्ट मॉडल&#8217; के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक ध्यान पहाड़ी जिलों पर दिया गया है, जिसमें पौड़ी और चम्पावत के 19-19 स्कूल शामिल हैं, जबकि देहरादून और हरिद्वार के 6-6 स्कूलों को इस सूची में रखा गया है।</p>
<p>किसे क्या मिलेगा?<br />
इस मॉडल के तहत छात्रों को न केवल स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक कंप्यूटर लैब की सुविधा मिलेगी, बल्कि तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 1,000 मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। कॉन्वजीनियस फाउंडेशन और AWS के सहयोग से छात्रों को कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए जमाने के कौशल सिखाए जाएंगे। यह डेटा-आधारित मॉडल शिक्षकों को हर बच्चे की सीखने की क्षमता को बारीकी से समझने में मदद करेगा, जिससे पहाड़ का छात्र अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेगा।</p>
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		<title>उत्तराखंड सिडकुलों में मजदूरों की बदहाल ज़िंदगी: 1अप्रैल से नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू, फिर भी राहत अधूरी, देखें कितनी होंगी अब सेलरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:54:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[उधम सिंह नगर]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषिकेश]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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		<category><![CDATA[पौड़ी गढ़वाल]]></category>
		<category><![CDATA[हरिद्वार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तराखंड सिडकुलों में मजदूरों की बदहाल ज़िंदगी: 1अप्रैल से नई न्यूनतम मजदूरी दरें होंगी लागू, फिर भी राहत</p>
<p>The post <a href="https://cobranewsuk.com/archives/9322">उत्तराखंड सिडकुलों में मजदूरों की बदहाल ज़िंदगी: 1अप्रैल से नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू, फिर भी राहत अधूरी, देखें कितनी होंगी अब सेलरी</a> appeared first on <a href="https://cobranewsuk.com">Cobra news uk</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड सिडकुलों में मजदूरों की बदहाल ज़िंदगी: 1अप्रैल से नई न्यूनतम मजदूरी दरें होंगी लागू, फिर भी राहत अधूरी, देखें कितनी होंगी अब सेलरी </p>
<p>उत्तराखंड के सिडकुल क्षेत्रों में यदि जमीनी हकीकत देखी जाए तो सबसे खराब स्थिति आज मजदूर वर्ग की ही नजर आती है। एक ओर उद्योगपति, सरकार और विभागीय तंत्र अपने-अपने स्तर पर संतुष्ट दिखते हैं, वहीं दूसरी ओर वही मजदूर, जिनकी मेहनत से उद्योग चलते हैं, आज भी दो वक्त की रोटी और बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा है।<br />
वर्तमान परिस्थितियों में कई कंपनियां सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन तक नहीं दे रही हैं। जहां 8 घंटे और 26 दिन के हिसाब से लगभग ₹12,500 मासिक वेतन की बात कही जाती रही, वहीं हकीकत यह है कि कई मजदूरों को मात्र ₹9,000 से ₹10,000 में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। सुरक्षा गार्ड जैसे कर्मचारियों की स्थिति और भी चिंताजनक है—12 घंटे की ड्यूटी और पूरे महीने काम करने के बावजूद उन्हें ₹12,000 तक नसीब नहीं हो पाता।<br />
सेलाकुई सिडकुल क्षेत्र की स्थिति इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। यहां एक छोटे से कमरे का किराया ही ₹3,000 से ₹4,000 तक है। भोजन पर ₹3,000 से ₹4,000, चिकित्सा और अन्य खर्चों पर ₹2,000 तक खर्च हो जाता है। ऐसे में मजदूर के हाथ में बचता क्या है? सवाल सीधा है—क्या इतने में कोई भी परिवार सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकता है?<br />
इसी बीच राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू करने की अधिसूचना जारी की गई है, जो इस प्रकार हैं:<br />
अकुशल श्रमिक: ₹15,220 प्रति माह (दैनिक लगभग ₹585)<br />
अर्ध-कुशल श्रमिक: ₹16,780 प्रति माह<br />
कुशल श्रमिक: ₹18,500 प्रति माह<br />
उच्च कुशल श्रमिक: ₹19,425 प्रति माह<br />
ये दरें श्रम विभाग द्वारा निर्धारित की गई हैं और पूरे उत्तराखंड में लागू मानी जा रही हैं, हालांकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मामूली अंतर संभव है।<br />
लेकिन बड़ा सवाल अभी भी जस का तस है—क्या ये बढ़ी हुई मजदूरी वास्तव में मजदूरों तक पहुंचेगी? और यदि पहुंचती भी है, तो क्या यह महंगाई के इस दौर में पर्याप्त होगी?<br />
जमीनी सच्चाई यही कहती है कि जब तक सख्ती से नियमों का पालन नहीं कराया जाएगा और मजदूरों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक ये घोषणाएं कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी। मजदूर वर्ग आज भी इंतजार में है—सिर्फ बढ़ी हुई मजदूरी का नहीं, बल्कि अपने हक और सम्मानजनक जीवन का।</p>
<p>नोट :- अभी ये दरे विभाग की वेवसाईट पर अपलोड नहीं हुई है </p>
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		<title>ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: पुराने कानून और नए लेबर कोड में क्या है प्रावधान, सेलरी न मिले तो ठेकेदार नहीं कंपनी जिम्मेदार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:41:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>🔴 ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: पुराने कानून और नए लेबर कोड में क्या है प्रावधान देशभर</p>
<p>The post <a href="https://cobranewsuk.com/archives/9319">ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: पुराने कानून और नए लेबर कोड में क्या है प्रावधान, सेलरी न मिले तो ठेकेदार नहीं कंपनी जिम्मेदार</a> appeared first on <a href="https://cobranewsuk.com">Cobra news uk</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>🔴 ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: पुराने कानून और नए लेबर कोड में क्या है प्रावधान</p>
<p>देशभर के ठेका (Contract) कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी सुरक्षा मौजूद है। यह प्रावधान पहले से लागू श्रम कानूनों में भी है और नए लेबर कोड में भी इसकी भावना को बनाए रखा गया है।</p>
<p>✔ पुराने श्रम कानून में क्या था</p>
<p>Contract Labour (Regulation &amp; Abolition) Act, 1970 के अनुसार:</p>
<p>ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने के लिए जिम्मेदार होता है</p>
<p>अगर ठेकेदार वेतन नहीं देता</p>
<p>तो Principal Employer (मुख्य नियोक्ता/कंपनी) को वेतन देना होता है</p>
<p>बाद में कंपनी ठेकेदार से पैसा वसूल सकती है</p>
<p>यह नियम पूरे भारत में लागू है और ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p>✔ नए लेबर कोड में क्या स्थिति है</p>
<p>सरकार ने 29 श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए लेबर कोड बनाए हैं।<br />
इनमें Occupational Safety, Health &amp; Working Conditions Code (OSH Code), 2020 में ठेका कर्मचारियों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।</p>
<p>ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर</p>
<p>Principal Employer की भूमिका बरकरार</p>
<p>कार्य और सुरक्षा से जुड़े नियम मजबूत</p>
<p>हालांकि, सभी राज्यों में ये कोड अभी पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं, इसलिए पुराने कानून भी साथ में लागू माने जाते हैं।</p>
<p>✔ कर्मचारियों के लिए क्या मतलब</p>
<p>वेतन न मिलने पर कर्मचारी असहाय नहीं</p>
<p>कंपनी भी जिम्मेदार बन सकती है</p>
<p>ठेका कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा</p>
<p>वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का अधिकार</p>
<p>✔ निष्कर्ष</p>
<p>पुराने श्रम कानून और नए लेबर कोड — दोनों में यह साफ है कि<br />
ठेका कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए कंपनी (Principal Employer) की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण बनी रहती है।</p>
<p>&#8212;</p>
<p>📎 स्रोत<br />
भारतीय श्रम कानून / लेबर कोड अपडेट</p>
<p>&#8212;</p>
<p>ठेका कर्मचारियों को बड़ी राहत<br />
वेतन न मिलने पर कंपनी भी जिम्मेदार</p>
<p>⚠️ डिस्क्लेमर (Safe &amp; Legal)</p>
<p>यह जानकारी सामान्य श्रम कानूनों और उपलब्ध मीडिया/कानूनी स्रोतों के आधार पर साझा की गई है।<br />
ठेका कर्मचारियों से संबंधित नियम Contract Labour Act, 1970 तथा नए लेबर कोड के प्रावधानों पर आधारित हैं।</p>
<p>वास्तविक लागू नियम राज्य, अधिसूचना और केस की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकते हैं।<br />
किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले संबंधित आधिकारिक अधिसूचना या विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।</p>
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		<item>
		<title>बड़ी खबर: लेबर कानूनों में बड़ा बदलाव, अब पूरा सिस्टम होगा डिजिटल और सरल</title>
		<link>https://cobranewsuk.com/archives/9316</link>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:36:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>🟥 बड़ी खबर: लेबर कानूनों में बड़ा बदलाव, अब पूरा सिस्टम होगा डिजिटल और सरल नई दिल्ली, 15</p>
<p>The post <a href="https://cobranewsuk.com/archives/9316">बड़ी खबर: लेबर कानूनों में बड़ा बदलाव, अब पूरा सिस्टम होगा डिजिटल और सरल</a> appeared first on <a href="https://cobranewsuk.com">Cobra news uk</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>🟥 बड़ी खबर: लेबर कानूनों में बड़ा बदलाव, अब पूरा सिस्टम होगा डिजिटल और सरल </p>
<p>नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026 — देश के श्रम कानूनों में एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव सामने आया है, जिसके तहत अब लेबर कानूनों को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। इस परिवर्तन का उद्देश्य न केवल कंपनियों के लिए अनुपालन (Compliance) प्रक्रिया को आसान बनाना है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा को भी मजबूत करना है। नए प्रावधानों के तहत रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, रिटर्न फाइलिंग और श्रमिकों से संबंधित विभिन्न रिकॉर्ड अब डिजिटल माध्यम से संचालित किए जाएंगे, जिससे पारंपरिक कागजी प्रक्रिया में होने वाली देरी और जटिलताओं को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा।</p>
<p>इस नई व्यवस्था में कंपनियों के लिए डिजिटल रजिस्टर और ई-रिकॉर्ड बनाए रखना अनिवार्य किया जा रहा है, वहीं निरीक्षण प्रणाली को भी तकनीक आधारित बनाया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता को आसानी से ट्रैक किया जा सके। इससे जहां एक ओर उद्योगों को ‘Ease of Doing Business’ के तहत राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कर्मचारियों को भी अपने वेतन, सेवा शर्तों और अन्य अधिकारों से जुड़ी जानकारी तक सरल पहुंच प्राप्त होगी। विशेष रूप से शिकायत निवारण प्रणाली को ऑनलाइन किए जाने से श्रमिकों को अब अपने अधिकारों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और वे सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी बात रख सकेंगे।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के श्रम कानूनों को आधुनिक और तकनीक-आधारित ढांचे में ढालने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जिससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। हालांकि, इस परिवर्तन के साथ कंपनियों के मानव संसाधन (HR) विभागों पर नई जिम्मेदारियां भी आएंगी, जिन्हें अपने सिस्टम को अपडेट कर डिजिटल अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। कुल मिलाकर यह बदलाव देश के श्रम परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां सरलता और तकनीक का संतुलित मेल देखने को मिलेगा।</p>
<p>⚠️ डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य श्रम कानून अपडेट और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। विभिन्न राज्यों में नियमों के लागू होने की स्थिति अलग हो सकती है। किसी भी कानूनी निर्णय से पहले आधिकारिक अधिसूचना या विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा।</p>
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		<item>
		<title>IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी अनशन पर बैठे, मिला NSUI छात्रों का समर्थन; कल अनशन पर बैठेंगे पूर्व मुख्यमंत्री।</title>
		<link>https://cobranewsuk.com/archives/9307</link>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 01:51:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>✍️ देहरादून। राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर एकता विहार धरना स्थल पर चल रहा आंदोलन अब एक</p>
<p>The post <a href="https://cobranewsuk.com/archives/9307">IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी अनशन पर बैठे, मिला NSUI छात्रों का समर्थन; कल अनशन पर बैठेंगे पूर्व मुख्यमंत्री।</a> appeared first on <a href="https://cobranewsuk.com">Cobra news uk</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>✍️ देहरादून।</p>
<p>राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर एकता विहार धरना स्थल पर चल रहा आंदोलन अब एक भीषण जन-क्रांति का रूप ले चुका है। आज पूर्व IAS अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी के क्रमिक अनशन को NSUI के छात्र संगठन ने अपना पूर्ण समर्थन देते हुए सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों ने सरकार विरोधी नारों से आसमान गुंजा दिया, जिससे शासन-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।<br />
अनशन स्थल से गरजते हुए विनोद प्रसाद रतूड़ी ने सीधा भाजपा सरकार पर हमला बोला और कहा कि अगर सरकार प्यार से राजधानी गैरसैंण घोषित नहीं करती है, तो अब इसे छीन कर लिया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ &#8216;विकसित भारत&#8217; का ढिंढोरा पीटा जा रहा है और दूसरी तरफ उत्तराखंड की आत्मा यानी गैरसैंण को पिछले 25 सालों से &#8216;अस्थाई&#8217; के अंधेरे में रखा गया है। रतूड़ी जी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पहाड़ का पानी और जवानी अब केवल वादों के लिए नहीं, बल्कि अपने हक के लिए कुर्बान होगी।<img decoding="async" src="https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-15-07-16-23-39_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-300x163.jpg" alt="" width="300" height="163" class="alignnone size-medium wp-image-9308" srcset="https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-15-07-16-23-39_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-300x163.jpg 300w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-15-07-16-23-39_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-1024x557.jpg 1024w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-15-07-16-23-39_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-768x417.jpg 768w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-15-07-16-23-39_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><br />
प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए रतूड़ी जी ने सरकार की संवैधानिक पोल भी खोली। उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 2, 3 और 12 में राज्यों के गठन और संचालन की व्यवस्था तो है, लेकिन पूरे संविधान में &#8216;अस्थाई राजधानी&#8217; जैसा कोई शब्द या प्रावधान नहीं है। भाजपा सरकार संविधान के साथ खिलवाड़ कर रही है और देहरादून को जबरन राजधानी बनाकर पहाड़ की जनता के साथ धोखा कर रही है। यह कानूनी रूप से गलत है और जनता अब इस झूठ को बर्दाश्त नहीं करेगी।<br />
आंदोलन की बढ़ती धमक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कल से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी विनोद प्रसाद रतूड़ी के साथ अनशन पर बैठने जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के इस ऐलान ने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। NSUI के छात्र नेताओं ने भी साफ कर दिया है कि रतूड़ी जी की यह लड़ाई अब हर युवा की लड़ाई है और जब तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा।</p>
<p>The post <a href="https://cobranewsuk.com/archives/9307">IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी अनशन पर बैठे, मिला NSUI छात्रों का समर्थन; कल अनशन पर बैठेंगे पूर्व मुख्यमंत्री।</a> appeared first on <a href="https://cobranewsuk.com">Cobra news uk</a>.</p>
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		<title>6200 करोड़ रुपये लागत से, रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर</title>
		<link>https://cobranewsuk.com/archives/9298</link>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 01:11:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>6200 करोड़ रुपये लागत से, रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर: हिमांशु नौरियाल</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>6200 करोड़ रुपये लागत से, रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर:</p>
<p>हिमांशु नौरियाल<br />
*ब्यूरो प्रमुख,उत्तराखंड</p>
<p>देहरादून, उत्तराखंड:</p>
<p>देहरादून में रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में ट्रैफिक की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है। करीब 6200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर बनाया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद हरिद्वार बाईपास (कारगी) से मसूरी रोड (मालसी) तक सफर बेहद तेज और आसान हो जाएगा। </p>
<p>इस प्रोजेक्ट को भविष्य की परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है, जो 2051 तक के ट्रैफिक लोड को भी संभालेगी। एलिवेटिड रोड को सिंगल पिलर पर बनाया जाएगा और इसे बाढ़ जैसी परिस्थितियों से सुरक्षित रखने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर के पुराने ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है। 26 किलोमीटर का हाई-स्पीड कॉरिडोर रिस्पना और बिंदल नदियों पर बनाने का प्लान है, जो शहर के दक्षिणी हिस्से को मसूरी के पास उत्तरी तलहटी से जोड़ेगा।</p>
<p>यह प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपा गया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद क्लॉक टॉवर, राजपुर रोड और ISBT जैसे शहर के बड़े हॉटस्पॉट पर ट्रैफिक कम करना है। इससे मसूरी तक पहुंच भी बेहतर होगी और यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए एक कनेक्टर का काम करेगा।</p>
<p>जब यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा तो निसंदेह घंटाघर, राजपुर रोड, बल्लूपुर, ISBT जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम कम होगा<br />
और हरिद्वार और दिल्ली जाने वालों का सफर आसान होगा जिससे व्यापार और टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>पर मेरा मानना ​​है कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह गलियारा यातायात को कम करेगा, लेकिन यह भीड़भाड़ को बढ़ा सकता है और हजारों निवासियों को विस्थापित कर सकता है और शहर की पर्यावरणीय स्थिरता और बाढ़ प्रतिरोधक क्षमता को खतरे में डाल सकता है। देहरादून एक भूकंपीय रूप से नाजुक क्षेत्र है, और इसके जलमार्गों पर निर्माण करने से आपदा का खतरा बढ़ जाता है  इसके अलावा, इस कॉरिडोर से मसूरी में ट्रैफिक बढ़ने की उम्मीद है, जो एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है और जिसकी वाहनों की वहन क्षमता पहले ही पार हो चुकी है।</p>
<p>लेकिन मुझे डर है कि पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों ने यह चेतावनी दी है कि नदी के तल में खंभे लगाने से प्राकृतिक जल निकासी बाधित होगी, भूजल पुनर्भरण कम होगा, और बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे नदी के किनारे के लगभग 2,500 से 3,000 घरों को विस्थापित होना पड़ सकता है।</p>
<p>मुझे यह भी लगता है कि यह सड़क परियोजना 2018 के व्यापक गतिशीलता योजना का एक महंगा और अस्थिर विकल्प है, जिसने उत्सर्जन को कम करने और जलवायु लचीलापन बढ़ाने के लिए स्थायी परिवहन समाधान प्रस्तावित किए थे। </p>
<p>मेरी समझ में देहरादून को एक स्थायी विकास समाधान की आवश्यकता है, न कि इसके लिए एक तदर्थ, अनियोजित दृष्टिकोण की।  मुझे लगता है कि यह परियोजना सड़क यातायात की भीड़ को हल करने के बजाय मसूरी डायवर्जन जैसे अंतिम कोनों और बिंदुओं तक ही स्थानांतरित कर देगी। इसलिए, धन को स्थायी समाधानों पर अधिक केंद्रित किया जाना चाहिए, जैसे सार्वजनिक परिवहन में सुधार और मौजूदा सड़कों का उन्नयन।</p>
<p>अतः सरकार को भविष्य में विस्थापित होने वाले लोगों, पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के साथ बैठक करके एक कमेटी बनानी चाहिए जो कि हाल एक पहलू को गहनता से जांचे और तड़पश्चत एक &#8220;मध्य- मार्गीय&#8221; उपाय निकाले। इसमें कोई संदेह नहीं है कि धामी सरकार की नीयत बिल्कुल साफ है किंतु चूंकि &#8221; हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, इसलिए दोनों पहलुओं को भली भांति जांच परख करने के पश्चात ही कोई निर्णय लेना चाहिए जो सब वर्गों के लिए हितकारी साबित हो। यही &#8221; चाणक्य-नीति&#8221; भी होती है।</p>
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		<item>
		<title>शपथ ग्रहण अधिवेशन का भव्य आयोजन, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:41:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>✍️ देहरादून। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड द्वारा आज देहरादून में शपथ ग्रहण अधिवेशन का भव्य आयोजन</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>✍️ देहरादून।<br />
प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड द्वारा आज देहरादून में शपथ ग्रहण अधिवेशन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने-अपने पद एवं दायित्वों का विधिवत शपथ ग्रहण किया।<br />
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड श्री सुबोध उनियाल जी एवं महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड डॉ सुनीता टम्टा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “नए पदाधिकारियों पर संगठन को नई दिशा देने और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।माननीय मंत्री जी ने समय से डीपीसी व एसडीएसपी एवं एसडीएसपी मैं सेवा में एक बार छूट प्रदान करने  को जल्दी करवाने का पूर्ण आश्वासन सभी चिकित्सकों को दिया एवं सभी जिला वह उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की सुरक्षा हेतु पुलिस चौकी स्थापित कराने व दूर दराज में सेवा दें रहे चिकित्सकों के लिए डॉक्टर्स कॉलोनी बनाने का आश्वासन दिया।तथा डॉक्टर्स की पोस्टिंग उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर देने पर जोर दिया। सुगम एवं दुर्गम क्षेत्रों का चयन भी राज्य स्तर पर करने पर जोर दिया।डॉक्टर्स की स्वास्थ्य मंत्री जी ने चिकित्सकों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया<br />
अधिवेशन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने वर्चुअल माध्यम से प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी।<br />
इस अवसर पर सभी जनपदों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 150 चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। चिकित्सकों के द्वारा मनोहर एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।<br />
इस दौरान डॉ रमेश कुंवर ने अध्यक्ष पद एव डॉ यशपाल सिंह तोमर ने महासचिव की शपथ ली, वहीं अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने पद की गरिमा बनाए रखने, ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ ली।<br />
अधिवेशन में वक्ताओं ने संगठन की भावी योजनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्वों तथा जनहित में किए जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्यगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।<img decoding="async" src="https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-13-22-08-41-30_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-300x166.jpg" alt="" width="300" height="166" class="alignnone size-medium wp-image-9292" srcset="https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-13-22-08-41-30_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-300x166.jpg 300w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-13-22-08-41-30_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-1024x565.jpg 1024w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-13-22-08-41-30_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-768x424.jpg 768w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-13-22-08-41-30_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><br />
कार्यक्रम के अंत में डॉ यशपाल तोमर ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी एव सभी अतिथियों एवं पप्रदेश से आये सभी सम्मानित चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया और संगठन के उज्जवल भविष्य की कामना की।<br />
इस कार्यक्रम में डॉ तृप्ति बहुगुणा पूर्व महानिदेशक, डॉ आर सी पंत, डॉ शिखा जगपांगी, डॉ रश्मी पंत,डॉ डी पी जोशी,डॉ बी सी रमोला,डॉ मनोज वर्मा सहित सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीएमएस/ सीएमएस एव प्रदेश से आए हुए चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया।</p>
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		<item>
		<title>मोदीजी के दिल में उत्तराखंड का खास स्थान है&#8221;: सीएम धामी  प्रधानमंत्री मोदी की देहरादून यात्रा की ऐतिहासिक संदर्भ, महत्ता और प्रासंगिकता:</title>
		<link>https://cobranewsuk.com/archives/9284</link>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 02:58:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8221; वो आए हमारे घर में, ख़ुदा की कुदरत है, कभी हम उनको, कभी अपने घर को देखते</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&#8221; वो आए हमारे घर में, ख़ुदा की कुदरत है,<br />
कभी हम उनको, कभी अपने घर को देखते हैं&#8221;&#8230;</p>
<p>हिमांशु नौरियाल<br />
ब्यूरो प्रमुख,उत्तराखंड<br />
कोबरा न्यूज़/<br />
13/04/2026</p>
<p>&#8220;मोदीजी के दिल में उत्तराखंड का खास स्थान है&#8221;: सीएम धामी</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की देहरादून यात्रा की ऐतिहासिक संदर्भ, महत्ता और प्रासंगिकता:</p>
<p>देहरादून, उत्तराखंड:</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 14 अप्रैल को उत्तराखंड का दौरा कर सकते हैं, जो राज्य की उनकी 27वीं यात्रा होगी। यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के दौरान यह उनकी 17वीं यात्रा होगी।  प्रधानमंत्री के दौरे में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी शामिल है, जो दोनों इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के मकसद से बनाया गया एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है।</p>
<p>मोदी टिहरी में मौजूद देश का पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट भी शुरू करेंगे, जिसकी कैपेसिटी 1,000 MW है। यह प्रोजेक्ट भारत में एनर्जी के माहौल को बदलने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है। उनके दौरे की घोषणा से उत्तराखंड के लोगों में काफी उत्साह है, जिससे राज्य सरकार ने उद्घाटन समारोह को सफल बनाने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी का देहरादून दौरा एक बड़ा पॉलिटिकल और डेवलपमेंटल माइलस्टोन है, जिसमें ₹12,000 करोड़ के बदलाव लाने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन शामिल है। यह दौरा 2027 के उत्तराखंड चुनाव कैंपेन की शुरुआत का संकेत देता है, जिससे धार्मिक टूरिज्म पर फोकस बढ़ेगा, और इसमें एक ऐसी हाई-प्रोफाइल पब्लिक रैली भी शामिल है जिसकी उम्मीद पहले कभी नहीं थी।</p>
<p>दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय 2.5-3 घंटे कम हो जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा और यह आर्थिक विकास और टूरिज्म के लिए एक कैटलिस्ट का काम करेगा। 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों के लिए &#8220;शंखनाद&#8221; (शुरुआत) माने जाने वाले इस दौरे का मकसद उत्तराखंड में BJP के जमीनी स्तर के कैंपेन को मजबूत करना है।</p>
<p>PM मोदी प्रतिष्ठित डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जिससे राज्य के निवासियों के साथ पार्टी का रिश्ता और मज़बूत होगा और उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के तौर पर अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करेगा। इस कार्यक्रम में स्थानीय सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी, जिसमें कुमाऊं, गढ़वाल और जौनसार के कलाकार प्रधानमंत्री की रैली के दौरान अपनी प्रस्तुतियां देंगे। (गढ़वाल पोस्ट के अनुसार)</p>
<p>मोदी का उत्तराखंड के साथ एक मज़बूत भावनात्मक, दिली और निजी जुड़ाव रहा है। राज्य की उनकी पहली यात्रा 11 सितंबर, 2015 को हुई थी, जब वे ऋषिकेश पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों पर बार-बार जाने का सिलसिला शुरू किया, जिसमें दयानंद सरस्वती आश्रम में आध्यात्मिक गुरु दयानंद गिरि के साथ उनकी एक खास मुलाकात भी शामिल है। मोदी ने उत्तराखंड के कई तीर्थ स्थलों के प्रति गहरी श्रद्धा दिखाई है; वे पांच बार केदारनाथ जा चुके हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्थलों की उनकी यात्राओं से तीर्थयात्रा गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की खबरें हैं। प्राकृतिक आपदाओं के कारण पहले जो पर्यटक यहां आने से कतराते थे, उन आपदाओं के बाद इन मंदिरों में मोदी की मौजूदगी ने सुरक्षा और आस्था का संदेश देने में मदद की, जिससे तीर्थयात्रियों की संख्या में काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ।</p>
<p>पिथौरागढ़ में आदि कैलाश की मोदी की यात्रा के बाद, वहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में &#8220;बर्फ़ के गोले की तरह तेज़ी से बढ़ने वाला असर&#8221; (snowball effect) और साफ़ तौर पर बढ़ोतरी देखने को मिली। उत्तरकाशी ज़िले के मुखबा (जो देवी गंगा का शीतकालीन निवास है) की उनकी हालिया यात्रा ने शीतकालीन तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने और पूरे साल इस क्षेत्र में पर्यटन को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p>धामी मोदी के उत्तराखंड के साथ भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव से पूरी तरह वाकिफ़ हैं और उनका कहना है कि:<br />
&#8220;उत्तराखंड मोदीजी के दिल में एक खास जगह रखता है।&#8221;</p>
<p>मोदी के नेतृत्व में, कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनके तहत राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का बजट आवंटित किया गया है। कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे में आए बदलाव काफ़ी उल्लेखनीय रहे हैं; इनमें चार धाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, और केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए विभिन्न रोपवे परियोजनाएं शामिल हैं। देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड परियोजना ने भी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कारण दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, साथ ही हवाई और रेल सेवाओं में भी सुधार आया है।  धामी का कार्यकाल शुरू होने के बाद से, मोदी ने इस आने वाली यात्रा से पहले 16 बार इस क्षेत्र का दौरा किया है, जो इस क्षेत्र के प्रति उनकी लगातार प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हर दौरे पर, राज्य सरकार ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दिखाने वाली प्रतीकात्मक चीज़ें, और साथ ही स्थानीय उत्पाद पेश किए हैं, ताकि इसकी अनोखी पहचान को और मज़बूत किया जा सके।</p>
<p>14 अप्रैल को, मोदी टिहरी में &#8216;वेरिएबल स्पीड पंप्ड स्टोरेज प्लांट&#8217; का उद्घाटन करेंगे, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बहुत ज़रूरी है। THDC द्वारा विकसित यह सुविधा, 2,400 MW के टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स का एक अहम हिस्सा है। इसका मकसद मौजूदा हाइड्रो प्रोजेक्ट के ऊपरी और निचले जलाशयों का इस्तेमाल करके अतिरिक्त बिजली पैदा करना है।</p>
<p>मुझे लगता है कि मोदी का यह दौरा भारत की ऊर्जा यात्रा में एक अहम पड़ाव साबित होगा, जो टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन वाले भविष्य की ओर इशारा करता है। मेरी नज़र में, यह दौरा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दिखाएगा और बढ़ावा देगा; साथ ही, स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे उत्तराखंड की अनोखी पहचान और मज़बूत होगी। इससे उत्तराखंड के पहले से ही तेज़ी से बढ़ रहे पर्यटन को और भी ज़्यादा बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>मुझे यह भी लगता है कि इस प्रोजेक्ट का पूरा होना न सिर्फ़ राज्य की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग को दिखाता है, बल्कि देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति धामी सरकार की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है। मौजूदा धामी सरकार ने यह काम बेहद शानदार तरीके से किया है।</p>
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		<item>
		<title>देवभूमि पहल समिति की पहली बैठक संपन्न, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 14:24:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>देवभूमि पहल समिति की पहली बैठक संपन्न, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन संवाददाता :- नितिन शर्मा दिनांक :-</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देवभूमि पहल समिति की पहली बैठक संपन्न, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन</p>
<p>संवाददाता :- नितिन शर्मा<br />
दिनांक :- 12-04-2026</p>
<p>कोटद्वार । सामाजिक कार्यों को समर्पित संस्था देवभूमि पहल समिति के आधिकारिक पंजीकरण के बाद आज समिति की पहली औपचारिक बैठक आयोजित की गई। संकल्प से सिद्धि तक के ध्येय के साथ आयोजित इस बैठक में समिति के विजन और भविष्य की रूपरेखा साझा की गई।<br />
बैठक का शुभारंभ सेवा भाव के मूल मंत्र के साथ हुआ। इस दौरान समिति के सदस्यों ने समाज सेवा को ही सर्वोपरि धर्म बताया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समिति मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा में नवाचार, स्वास्थ्य सेवा (रक्तदान और शिविर), और बेसहारा जीवों की सहायता जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समिति ने &#8216;ग्रीन आर्मी यूनिट&#8217; बनाने का भी ऐलान किया, जो वृक्षारोपण और स्वच्छता पर काम करेगी।<br />
किसे मिली क्या जिम्मेदारी?<br />
बैठक में लोकतांत्रिक तरीके से पदाधिकारियों का चयन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से शिवम नेगी को अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा उत्कर्ष नेगी को महासचिव,सौरव धूलिया को कोषाध्यक्ष और शालिनी नेगी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। शालिनी कुलाश्री को सहसचिव और नैंसी रावत, रोहित कुमार, अभय जुयाल व सुशांत कोहली को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया।<br />
नवनियुक्त अध्यक्ष शिवम नेगी ने सभी स्वयंसेवकों से अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज हित में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है। बैठक में आगामी महीनों के कार्यक्रमों का खाका भी तैयार किया गया।</p>
<p>The post <a href="https://cobranewsuk.com/archives/9272">देवभूमि पहल समिति की पहली बैठक संपन्न, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन</a> appeared first on <a href="https://cobranewsuk.com">Cobra news uk</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सेलाकुई में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित, समाज में एकता और समरसता का दिया संदेश।</title>
		<link>https://cobranewsuk.com/archives/9268</link>
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		<dc:creator><![CDATA[कोबरा न्यूज़ UK]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:52:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>✍️ उत्तम सिंह,सेलाकुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>✍️ उत्तम सिंह,सेलाकुई।<br />
 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को सेलाकुई नगर में सामाजिक सद्भाव बैठक का भव्य आयोजन किया गया। बैठक में सर्व समाज के विभिन्न वर्गों, जातियों एवं पंथों के प्रमुख लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर समाज में भाईचारा और आपसी सहयोग का संदेश दिया।<br />
बैठक लेने आए नीरज  ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक सद्भाव बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में विभिन्न जातियों, धर्मों और संप्रदायों के बीच एकता, भाईचारा और समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी शक्ति है और इस विविधता में सद्भाव बनाए रखना देश की अखंडता और विकास के लिए आवश्यक है।<img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-12-18-21-08-54_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-300x176.jpg" alt="" width="300" height="176" class="alignnone size-medium wp-image-9269" srcset="https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-12-18-21-08-54_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-300x176.jpg 300w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-12-18-21-08-54_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-1024x602.jpg 1024w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-12-18-21-08-54_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7-768x452.jpg 768w, https://cobranewsuk.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot_2026-04-12-18-21-08-54_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><br />
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की बैठकें आपसी संवाद के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव और मतभेदों को समाप्त करने तथा समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति में निहित सामाजिक समरसता और सद्भावना के मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।<br />
बैठक में यह भी कहा गया कि सामाजिक समरसता को राजनीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का केंद्र बनाना चाहिए। इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देश के विभिन्न प्रांतों में लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे समाज में पारंपरिक भाईचारे और एकता की भावना को और मजबूत किया जा सके।<br />
इस अवसर पर जयदीप , योगेश , संजय, प्रकाश , ज्ञान सिंह , विनय , धर्मेंद्र , वंश , शूरवीर , हरीश  सहित सर्व समाज के विभिन्न जाति एवं पंथ के प्रमुख लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।<br />
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी सद्भाव, शांति और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।</p>
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