20 साल से लंबित मांगों पर गुरिल्लों का अल्टीमेटम, 29 जून से फिर आंदोलन की चेतावनी
एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति ने गुरिल्लों की लंबित मांगों पर सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 29 जून से प्रदेशव्यापी आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला और कीर्तिनगर से प्रवक्ता अनिल भट्ट ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संगठन ने अल्मोड़ा से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। वहीं देहरादून में समिति के उपाध्यक्ष सुनील पुन्ढौला, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुलोचना बर्थवाल तथा बीरेंद्र रावत ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात कर गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन के विभिन्न विभागों को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि 20 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में गुरिल्लों के समायोजन हेतु विभिन्न विभागों में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक विभागों ने कोई ठोस प्रस्ताव तैयार नहीं किया। समिति का आरोप है कि आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग और स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन बल के गठन से जुड़े पूर्व में जारी शासनादेशों पर भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि गुरिल्ले पिछले 20 वर्षों से आंदोलनरत हैं, जबकि 14-15 वर्ष पूर्व जारी शासनादेश और उच्चस्तरीय निर्णय भी धरातल पर नहीं उतर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय स्तर पर समय-समय पर समीक्षा बैठक बुलाने के मुख्यमंत्री के निर्देशों का भी अधिकारियों ने पालन नहीं किया।
समिति ने मांग की है कि जल्द समीक्षा बैठक बुलाकर शासनादेशों में आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा सभी जीवित गुरिल्लों और मृत गुरिल्लों के आश्रितों के लिए ठोस पुनर्वास एवं समायोजन योजना बनाई जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो 29 जून से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




