✍️ सुभाष पिमोली थराली।
थराली को अलग जिला बनाए जाने की मांग को लेकर थराली जिला बनाओ समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रामलीला मैदान थराली में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष पूर्व प्रमुख बख्तावर सिंह नेगी ने की। बैठक में बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, सक्रिय सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस दौरान सभी सदस्यों ने एक स्वर में थराली जिले के गठन की आवश्यकता पर बल देते हुए आंदोलन को और अधिक प्रभावी, संगठित एवं जन-आंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत अगली बैठक से पूर्व समिति के विभिन्न पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि गांव-गांव तक लोगों को जागरूक किया जा सके और अधिक से अधिक जनसमर्थन जुटाया जा सके। आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने संबंधी प्रस्ताव को बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अध्यक्ष बख्तावर सिंह नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि थराली क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है। यहां के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण आम जनता को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी कई किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ती है जिससे समय, धन और श्रम की भारी हानि होती है। उन्होंने कहा कि जब तक थराली को अलग जिला नहीं बनाया जाता, तब तक क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि थराली क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है। हर वर्ष बरसात और शीतकाल में सड़कें बंद होना, भूस्खलन, अतिवृष्टि और अन्य आपदाएं आम बात है। आपदा के समय दूर स्थित जिला मुख्यालय से त्वरित सहायता न मिल पाने के कारण जन-धन की क्षति बढ़ जाती है। यदि थराली में जिला मुख्यालय स्थापित होता है तो आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक निर्णयों में तेजी लाई जा सकेगी।
बैठक में यह भी कहा गया कि जिले के गठन से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा, जिससे पलायन पर भी अंकुश लगेगा। इसके साथ ही थराली क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास संभव हो सकेगा।
बैठक को उपाध्यक्ष देवी दत्त कुनियाल एवं जगमोहन सिंह रावत, महामंत्री डीडी उनियाल, कोषाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रावत, संगठन महामंत्री मोहन राम आर्य, सक्रिय सदस्य भूधर सिंह नेगी तथा संगठन के संरक्षक दिनेश चंद मिश्रा,नंदन सिंह रावत सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
अंत में यह निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में जनसभाएं, हस्ताक्षर अभियान और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर थराली जिले की मांग को मजबूती से सरकार के समक्ष रखा जाएगा। समिति ने भरोसा जताया कि क्षेत्र की जनता के सहयोग से यह आंदोलन सफल होगा और थराली को उसका अधिकार दिलाने की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचेगी।




