✍️ सुभाष पिमोली थराली।
तहसील के मैन गांव में 14 वर्षों के पश्चात गोरिल देव जागर और नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय पूजा और जागर के लिए प्रवासियों के साथ-साथ देश के विभिन्न कोने में रहने वाले ग्रामीण भी अपना योगदान दे रहे हैं। गांव के संभ्रांत व्यक्ति महिलायें, बुजुर्ग और बच्चे इस आयोजन को लेकर खासे उत्साहित हैं।
जागर गायक दीपू कुमार और जोनी कुमार के रांसे में डंगरिया पश्वा हरपाल सिंह बिष्ट अवतरित होकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गोरिल देवता जिन्हें गोलू और गोल्ज्यू देवता आदि नामों से पुकारा जाता है उन्हें न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। गढ़वाल और कुमांउ दोनों मंडलों में गोलू देवता के जागर गाये जाते हैं। और यहां पर लोग हर वर्ष अपने गांवों में गोलू देव नृत्य का आयोजन करते हैं जिसमें गोरिल देवता के पश्वा जगरियों के ओजस्वी गायन पर ढोल और दमांउ की थाप पर नृत्य करते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आर्शीवाद देते हैं। यहां पर हर घर गांव में गोरिल देवता का मंदिर है। इसके अलावा कुमाऊ के चंपावत, अल्मोड़ा और घोड़ाखाल में गोलू देवता के भव्य और प्राचीन मंदिर हैं।




