✍️ भगवान सिंह, पौड़ी गढ़वाल
जनपद गढ़वाल के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार और भालू के आतंक से दहशतजदा ग्रामीणों जिला पंचायत सदस्यों जनप्रतिनिधियों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर के आगे सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। नाराजगी व्यक्त की की धरना प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधियों की सुनने तक को जिला अधिकारी व सक्षम अधिकारी मुख्यालय से नदारत हैं
चेतावनी दी गई की सरकार प्रशासन और वन विभाग ने पीड़ित ग्रामीणों की नहीं सुनी और उन्हें जंगली जानवरों से निजात दिलाने के लिए कारगर पहल नहीं की तो गांव गांव से जन आंदोलन शुरू हो जाएगा। कांग्रेस व जिला पंचायत सदस्यों की तरफ से जिलाधिकारी उत्तराखंड शासन को भेजी ज्ञापन में तीखी नाराजगी व्यक्त की गई है कि शासन में बैठे आला अफसरों व नेताओं द्वारा पलायन पलायन का ढोंग किया जा रहा है। जबकि गांव में ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। जो पलायन कर चुके वे वापस लौटने से रहे। जो बचे खुचे गांव में है उनकी चिंता किसी को नहीं कांग्रेस व कांग्रेस से जुड़े नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने चेतावनी दी की यथाशीघ्र ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार और भालू से ग्रामीणों व उनके मवेशियों को नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में इसका खामियां जब भारतीय जनता पार्टी को भुगतना पड़ेगा यह किसी एक पार्टी का आंदोलन न होकर पीड़ित ग्रामीणों का जन आक्रोश होगा। जिला पंचायत सदस्य पूनम कैंत्यूरा ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए आक्रोश व्यक्त किया की सरकार व प्रशासन जनता के मुद्दों को लेकर बेपरवाह बनी हुई है वन विभाग के पास जंगली जानवरों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण तक नहीं हैं। जन समस्याओं को लेकर तमाम गोष्ठियां व सैमिनार तो जरूर हो रहे हैं
लेकिन जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए उनके पास कोई कार्य योजना नहीं है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य सीमा चमोली, कविता इस्टवाल, कविता डबराल, बुद्धि सिंह, कर्मवीर भंडारी, चंद्र भानु बिष्ट, क्षेत्र पंचायत संजय मिंटू डबराल, सभासद गौरव सागर एवं कांग्रेस जिलाअध्यक्ष विनोद नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष चाकीसैंण मंगल सिंह, कोट विजय दर्शन बिष्ट, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष राहत हुसैन, नगर अध्यक्ष भरत सिंह रावत, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा मोहित सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष नेगी आदि की मौजूदगी रही।




