✍️ मनमोहन भट्ट, मनेरी/उत्तरकाशी।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के आदेशों के क्रम में आमजन, छात्र/छात्राओं, ग्रामीणों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरुक करने के क्रम मे पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के निर्देशन में चलाये जा रहे बाल-विवाह मुक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत आज मंगलवार को प्रभारी निरीक्षक मनेरी मनोज असवाल के नेतृत्व में कोतवाली मनेरी पुलिस टीम द्वारा राजकीय इण्टर कॉलेज गंगोरी में जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र/छात्राओं को बाल-विवाह के प्रति जागरुक
करते हुये बताया गया कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा एक गम्भीर बुराई के साथ-साथ हमारी बेटियों के भविष्य, उनके सपनों और शिक्षा के अधिकार पर सीधा प्रहार है, यह प्रथा उनके बचपन को छीन लेती है और उन्हें अज्ञानता, असमानता व गरीबी के चक्रव्यूह में धकेल देती है, हमें इस ओर ध्यान न देते हुये अपने पढाई अथवा अपने भविष्य पर फोकस करना है और अपने परिजनों को भी बाल-विवाह के प्रति जागरुक करना है। बाल विवाह करना या कराना बाल विवाह निषेध अधनियम-2006 के तहत दण्डनीय अपराध है, इसमें किसी भी रुप में शामिल होने पर या सेवाएं देने पर सजा या जुर्माने का प्रावधान है। यदि आपकों भी कहीं कोई बाल विवाह होता दिखता है या पता चलता है तो उसकी सूचना तूरन्त 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन अथवा 112 पर पुलिस को दें। इसके साथ ही छात्र/छात्राओं को यातायात नियम, साइबर सुरक्षा की विस्तृत जानकारी देकर जागरुक किया गया।